एयरपोर्ट और उसके आस-पास के इलाकों में अभी नहीं मिलेगी 5जी सर्विस, जानिए क्या है कारण

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हाइलाइट्स

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टेलीकॉम कंपनियों को एक बफर जोन बनाने के लिए कहा है.
इससे रेजिडेंशियल और कमर्शियल क्षेत्रों में 5जी सर्विस पर काफी प्रभाव पड़ेगा.
साथ ही टेलीकॉम कंपनी हवाईअड्डे के भीतर और उसके आस-पास के क्षेत्र में 5जी सेवाएं नहीं दे सकेंगी.

नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाईअड्डे के भीतर और उसके आस-पास के क्षेत्र में सी-बैंड 5जी स्पेक्ट्रम को लागू करते समय टेलीकॉम कंपनियों को एक बफर और सेफ्टी जोन बनाने के लिए कहा है. मंत्रालय ने कंपनियों से कहा है कि रनवे के दोनों सिरों से 2,100 मीटर और रनवे की सेंट्रल लाइन से 910 मीटर की दूरी पर 3.3 GHz-3.67 GHZ फ्रीक्वेंसी रेंज के लिए कोई बेस एस्टेशन नहीं होना चाहिए.

हालांकि, 2.1 किलोमीटर की सीमा के बाद 540 मीटर की परिधि क्षेत्र में 5G बेस स्टेशन स्थापित किए जा सकते हैं, लेकिन इनका पावर इमिशन 58 dBm/MHz तक सीमित होना चाहिए. टेलीकॉम कंपनियों के अनुसार इस कदम का मतलब यह होगा कि वे हवाई अड्डों के आसपास और देश भर के अधिकांश टर्मिनलों के अलावा आस-पास के रेसिडेंशियल और कमर्शियल क्षेत्रों में खास बैंड पर 5जी सेवाएं नहीं दे सकेंगे.

विमान रेडियो अल्टीमीटर में इंटरफेयर कर सकता है 5 बैंड
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) का यह निर्देश ग्लोबल लेवल पर उठाई गई चिंताओं के बीच आया है. दरअसल, 5G बैंड विमान रेडियो अल्टीमीटर में इंटरफेयर कर सकता है, खासकर जब विमान पुराने हों. बता दें कि जीपीएस के साथ रेडियो अल्टीमीटर विमान के मार्ग को निर्धारित करने के लिए इलाके के ऊपर की ऊंचाई को मापते हैं. वे ऊंची इमारतों, पहाड़ों और अन्य बाधाओं को नापने के लिए कम विजिबलिटी में भी मददगार होते हैं.

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टेलीकॉम कंपनियों ने नकारा
टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि अल्टीमीटर द्वारा उपयोग जिस बैंड का उपयोग किया जाता है वह 4.2 गीगाहर्ट्ज़ है, न कि 3.3-3.67 गीगाहर्ट्ज जिसे देश में 5 जी सेवाओं के लिए नीलाम किया गया. दोनों के बीच 500 गीगाहर्ट्ज का अंतर है ऐसे में 5G बैंड विमान रेडियो अल्टीमीटर में इंटरफेयर कर ही नहीं सकता है.

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नहीं मिलेंगी 5जी सेवाएं
इस संबंध में एक टेलीकॉम कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में, जहां तीन रनवे हैं, वहां टर्मिनल के बीच का अंतर 500 मीटर नहीं होगा. इसलिए इस बैंड पर इन टर्मिनल पर 5जी सेवा की पेशकश करना संभव नहीं होगा. इसका मतलब यह है हम दिल्ली में हम वसंत कुंज, एयरोसिटी और इसके जैसे क्षेत्रों में 5G सेवाएं नहीं दे पाएंगे. क्योंकि यहां होटल, और रेस्ट्रां और महिपालपुर सभी उस बफर जोन के भीतर हैं.

तत्काल प्रभाव से उपाय लागू करने का आदेश
वहीं, मंगलवार को रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को भेजे गए वायरलेस प्लानिंग एंड कोकेशन डिपाप्टमेंट के एक पत्र में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स से इन उपायों को तत्काल प्रभाव से करने के लिए कहा गया है.

Tags: 5G network, 5G Technology, Tech news, Tech News in hindi



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